इस बार सावन में | Iss Baar Sawan Mein Lyrics – Tony Kakkar


Iss Baar Sawan Mein Lyrics Details

भीगे नहीं बरसो से -»2
हस बार सावन में तुम आना
हस बार सावन में तुम आना
चाहे ठोके ज़माना
हस बार सावन में तुम आना
हस बार सावन में तुम आना

बारिध के बूंदो में तू
आंखें जो मूंदूँ माह तू
काणज़ की कशती में हूँ
बहता सा पानी है तू
दिल में धड़क है तू
मेरा क्या लगता है तू
तोफे में मैं मांगू मैं क्या
दिल लेकर तुम आना
हस बार सावन में तुम आना
हस बार सावन में तुम आना

मर्सुफ़ रहते हो तुम
कब से मिले ही नहीं
मिलते थे रोज मगर
अब सिलसे ही नहीं
मिलने का मौसम है ये
मोहब्बत छुपाना नहीं
बांहों में लेके मुझे
तुम मोहब्बत से भीगाना
हस बार सावन में तुम आना
हस बार सावन में तुम आना

गीत अंत

Start Of The Lyrics

“Iss Baar Sawan Mein”

“Iss Baar Sawan Mein”

Leave a Comment